आँखों की रोशनी कैसे बढ़ाएं- प्राकृतिक तरीके

 

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आँखों की रोशनी कमजोर होने से पूरा संसार अंधकारमय लगता है। आंखें केवल चेहरा ही नहीं बल्कि जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी मदद से, आप सुंदर दुनिया को देखने में सक्षम हैं, लेकिन अगर आपकी आँखों की रोशनी कमजोर हैं तो आपको बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। बढ़ती उम्र के साथ देखभाल की भी आवश्यकता होती है क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ हमारी आंखों के आसपास की मांसपेशियां ढीली होने लगती हैं और हमारी आंखें कमजोर हो जाती हैं। आँखों की दृष्टि हमारे आहार और जीवन शैली पर भी निर्भर करती है।

हमारी आँखें बहुत ही कोमल होती हैं। इनकी देखभाल करना बहुत आवश्यक होता है। आजकल न केवल बूढ़े बुजुर्ग बल्कि बच्चे भी आँखों की रोशनी कम होने की समस्या से परेशान होते हैं। आंख कई छोटे हिस्सों से बनी एक बहुत ही जटिल ग्रंथि है, जिनमें से प्रत्येक का सही होना आँखों की रोशनी सही होने और सामान्य दृष्टि के लिए आवश्यक है। स्पष्ट रूप से देखने की क्षमता अर्थात आँखों की रोशनी इस बात पर निर्भर करती है कि ये सभी भाग एक साथ कितनी अच्छी तरह काम करते हैं। असमय आँखों में चश्मा पहनने का कारण शायद उचित आँखों का न होना, अस्वस्थ शरीर, शरीर में पोषण की कमी, आवश्यक नींद की कमी या अनुवांशिक होती है। इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए हमें आँखों की अच्छी देखभाल करनी चाहिए ताकि आँखें स्वस्थ रहें।

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आंखों की रोशनी कम होने के कारण – Reasons for poor eyesight in hindi

ज्यादा देर तक टीवी देखना –

ऐसे कई लोग होते हैं जो टीवी के बहुत शौकीन होते  हैं। लेकिन ज्यादा टीवी देखना हमारे शरीर के लिए अच्छा नहीं है। लगातार टीवी देखने से हमारी आंखों पर बुरा असर पड़ता है और आँखों मे उपस्थित तरल पदार्थ सूखने लगते हैं और आँखों की रोशनी पर प्रभाव पड़ता है। अतः ज्यादा देर तक टीवी न देखें।

गलत रहन सहन  –

एक गलत रहन-सहन भी हमारी आंखों को बुरी तरह प्रभावित करता है। अव्यवस्थित रहन-सहन के कारण, हमारी आँखों को कई समस्याएं होने लगती हैं। अपनी आंखों को स्वस्थ रखने के लिए हमेशा अपनी जीवनशैली पर ध्यान दें।

मोबाइल और कंप्यूटर का अधिक उपयोग –

लगातार कंप्यूटर और मोबाइल पर काम करना आवश्यक हो सकता है, लेकिन यह आपकी आँखों के लिए बहुत खतरनाक है। वहीं, मोबाइल के साथ जंक फूड लेकर घंटों खेलने की आदत न केवल आंखों की रोशनी चुराती है, बल्कि आंखों की अन्य सभी समस्याओं का भी कारण बन रही है। छोटी उम्र में ही आजकल बच्चे  मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं। आप मोबाईल मे विडिओ  दिखाकर अपने बच्चे को खिलाने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन ऐसा करके, आप उसकी दृष्टि को कमज़ोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, बल्कि रात में लाइट बंद करके मोबाइल देखना और भी खतरनाक है।

मोबाइल ब्लू ब्लेज़ आंख के लिए बेहद खतरनाक हैं। अगर आपको चुभन, लगातार पानी आना, अचानक और तेजी से नजर कमजोर होना, धुंधला दिखाई देना या आंखें लाल होना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। दुनिया भर में आंखों की रोशनी कम होने की समस्या तेजी से बढ़ रही है।

आज के दौर में कोई भी अपना काम बिना मोबाइल और कंप्यूटर के नहीं करता है। उन्हें हर कार्य करने के लिए इन उपकरणों की आवश्यकता होती है। इन उपकरणों के अधिक उपयोग से हमारी आंखों में बुरा प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी हमारी आँखों में मजबूरन चश्मा लग जाता है। इसलिए, इन उपकरणों का उपयोग केवल एक सीमित सीमा तक करें।

पौष्टिक भोजन न लेना –

कई बार पौष्टिक आहार नहीं लेने के कारण भी आंखों की समस्याएं शुरू हो जाती हैं। अपने आहार में उचित पोषण तत्वों को शामिल करें। ये आंखों को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से आंखों की रोशनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विटामिन-सी, विटामिन-ए और विटामिन-ई, जिंक, ल्यूटिन और ओमेगा -3 फैटी एसिड हमारी आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर लंबे समय तक आहार में इनकी कमी पाई जाती है, तो आंखों की रोशनी के अलावा कमजोर आंखों से संबंधित बीमारियां होने की संभावना आम है।

किसी बीमारी के कारण –

कई लोग बीमारी के कारण अपनी आंखों की देखभाल नहीं कर पाते हैं, जिससे उनकी आंखों पर बुरा असर पड़ता है। आंखों में कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं या कई बार किसी बीमारी के कारण लोगों की आंखों की रोशनी जाने लगती है।
उम्र के साथ, हमारी आँखों में परिवर्तन होने लगते हैं, जिसके कारण दृष्टि भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। लेकिन अगर भोजन में पोषक तत्वों की कमी हो और गलत जीवनशैली का हो, तो ये बदलाव समय से पहले होने लगते हैं। साथ ही, यदि उचित आहार और जीवन शैली का पालन किया जाए, तो व्यक्ति की आँखों की दृष्टि लंबे समय तक अच्छी रहती है।

आंखों की देखभाल के लिए इन सावधानियों का पालन करें – Precautions for eye care in hindi

कंप्यूटर स्क्रीन या मोबाइल पर काम करना, आपके लिए जरूरी है कि आप हर दस मिनट में अपनी आंखों को आराम दें। इसके लिए कई बार आंखों को झपकाएं। इसके अलावा, कुछ पलों के लिए आंखों को बंद जरूर करें।
स्वस्थ आंखों के लिए कम से कम 8 घंटे की नींद आवश्यक है। यह आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ आंखों के लिए भी आवश्यक है।

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आँखों का व्यायाम करें। इसके लिए मुंह में हवा भरें और आंखों को जितना हो सके फाड़ें। फिर हवा छोड़ते समय आंखें बंद कर लें। आंखों पर तीन उंगलियां रखकर आंखों को मोड़ें। ऐसा कम से कम दस बार करें। अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें।
आंखों को पानी से खूब साफ करें। इसके लिए हवा को पानी से भरें और आंखों में पानी डालें। इससे आंखें साफ होंगी।
महिलाओं को हमेशा सोने से पहले आंखों का मेकअप हटाने में समय लगता है। मेकअप के साथ कभी न सोएं। अगर आप आईलाइनर या मस्कारा लगाकर सोते हैं, तो इससे आपकी आंखों में दर्द हो सकता है। रात में मेकअप के साथ सोने से आँखों के आस-पास के छिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे कैविटीज़ हो सकती हैं। अपने बिस्तर के पास मेकअप रिमूवर पैड जरूर रखें ।
साल में दो बार आंखों की जांच कराएं। नीली किरणों से बचने के लिए काले चश्मे का प्रयोग करें।

आँखों की रोशनी बढ़ाने के प्राकृतिक तरीके – Natural ways to improve eyesight in hindi

आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आँखों के व्यायाम –

एक बार आंखों को छत की ओर देखें। एक बार फर्श पर देखें । एक बार बाईं ओर और एक बार दाईं ओर। आंखों को विभिन्न दिशाओं में घुमाएं। इससे आपकी आंखों की एक्सरसाइज होगी। सुबह सूर्योदय से पहले, आपको नियमित रूप से 15-20 मिनट के लिए हरी घास पर नंगे पैर चलना चाहिए। घास पर ओस की नमी होती है, उस पर नंगे पांव चलने से आंखों के तनाव से राहत मिलती है और आँखों की दृष्टि भी बढ़ती है।

आँखों की साफ सफाई –

आंखों को ठंडे पानी से दिन में बार- बार धोना चाहिए। आंखों को धूल, प्रदूषण और तेज धूप से बचाना चाहिए, तेज धूप में जाते समय आंखों पर अच्छी क्वालिटी के चश्मे का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि सूरज की परबैगनी किरणों से आंखों को नुकसान पहुंचता है।

काम करने के दौरान आंखों को आराम दें –

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बहुत अधिक समय तक लगातार पढ़ने या कंप्यूटर पर काम करने के कारण आँखों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए, कुछ अंतराल पर आँखें बंद करके आँखों को आराम देना चाहिए, आँखों कि दृष्टि को बरकरार रखने मे उपयोगी साबित होता है। पढ़ते समय रोशनी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बहुत खराब रोशनी में पढ़ने या लिखने से आँखों पर दबाव पड़ता है, जो आँखों की रोशनी कम होने के लिए बहुत ही जिम्मेदार कारण हो सकता है।

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आहार –

आंखों की दृष्टि को बढ़ाने के लिए, बेहतर नेत्र स्वास्थ्य के लिए, एक पौष्टिक आहार लेना चाहिए जिसमें आवश्यक विटामिन और खनिज होते हैं। ये हैं आंखों की रोशनी बढ़ाने के कुछ आहार: –

हरे पत्ते वाली सब्जियां –

आंखों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विटामिन विटामिन ए है। विटामिन ए की कमी से रतौंधी हो सकती है। फैट में घुलनशील विटामिन ए की  रेटिना के लिए सबसे ज्यादा जरूरत होती है। विटामिन ए सबसे अधिक हरी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाता है। हरी सब्जियों में मौजूद कैरोटीन तत्व को विटामिन ए में परिवर्तित करता है। इसलिए पालक, पुदीना, मेथी, बथुआ, सेम आदि का सेवन करें। विटामिन सी के सेवन से आंखों की रोशनी बढ़ती है। अमरूद, संतरा, अनानास, तरबूज, और अंगूर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए और सी होते हैं।

ड्राई फ्रूट्स  –

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सूखे मेवे लेना भी फायदेमंद है। ड्राई फ्रूट्स किंग किशमिश विटामिन ए, ए-बीटा कैरोटीन से भरपूर होते हैं, जो आंखों की सेहत के लिए बहुत जरूरी हैं। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट आंखों को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है। रोजाना किशमिश खाने से आंखों की कमजोरी, मांसपेशियों की क्षति, मोतियाबिंद आदि ठीक हो जाते हैं। सूखे खुबानी में विटामिन ए, बी कॉम्प्लेक्स, और सी प्रचुर मात्रा में होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद होता है।

जिंकयुक्त भोजन  –

जिंक आपकी आंखों की सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। जिंक विटामिन ए के लिए रेटिना की मदद करता है। जिंक के बिना आंखों को जरूरत के अनुसार पर्याप्त विटामिन नहीं मिल पाता है, इसलिए इसके परिणामस्वरूप आपकी आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है। मूंगफली, दही, डार्क चॉकलेट, तिल और कोको पाउडर आदि में जिंक काफी मात्रा में पाया जाता है। प्याज और लहसुन को आपके भोजन में शामिल किया जाना चाहिए, जिससे आँखों की रोशनी उम्र भर एक जैसी रहे। मोतियाबिंद की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को सेलेनियम का भरपूर सेवन करना चाहिए।

अंडा और मछली –

अंडा आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ल्यूटिन नामक तत्व, जो कैरोटीनॉयड बनाते हैं, किसी अन्य पदार्थ की तुलना में अंडों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। रोजाना एक अंडा खाने से कैरोटिनॉयड की कमी के कारण आंखों की कोशिकाओं में क्षरण को रोका जा सकता है। अंडा आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ओमेगा 3, मछली में भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद है।

बादाम वाला दूध –

हफ्ते में 3 बार बादाम वाला दूध पिएं। इसमें विटामिन ई होता है जो आंखों के विकारों से राहत दिलाने में फायदेमंद है। विटामिन ई जैसे एंटीऑक्सिडेंट नेत्र लेंस को मुक्त कणों से नुकसान से बचाते हैं। विटामिन ई सभी प्रकार के खाद्य तेलों में गिरी फल और बीज में पाया जाता है। इन्हें लेने से आंखें बहुत अच्छी होती हैं। इनका सेवन करने की आदत डालें और इन्हें अपनी दैनिक खुराक में शामिल करें।

आंखों की रोशनी बढ़ाने में पपीता है बहुत मददगार –

पपीते में कई पौष्टिक गुण होते हैं। इसके नियमित सेवन से आंखों की रोशनी बढ़ाई जा सकती है। पपीते में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से पपीते का सेवन करे, ऐसा करने से बहुत जल्द ही आपकी आँखों की रौशनी तेज हो जाएगी.

सूखे  आंवले  का उपयोग –

सूखे आंवले को रात भर पानी में भिगो कर रखें। फिर इस पानी को रुई की मदद से दिन में तीन बार अपनी आंखों में लगाएं, इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है, और आंखें सुंदर दिखती हैं।

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गाजर का उपयोग –

गाजर में विटामिन सी, विटामिन ए और बीटा कैरोटीन होता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है। गाजर को पीसकर उसका रस निकालें। खाना खाने के एक घंटे बाद इस जूस को पीने से आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद मिलती है।

आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए अन्य खाद्य पदार्थ –

  •  विटामिन-ए के लिए गेहूं के उत्पाद और नट्स खाएं।
  • आंखों के लिए ओमेगा -3 फैटी एसिड का सेवन बहुत जरूरी है। इसलिए फ्लैक्स सीड्स खाएं।
  • अपने आहार में शकरकंद को शामिल करें। यह बीटा कैरोटीन और विटामिन ई का अच्छा स्रोत है।
  • नट्स में विटामिन ई की अच्छी मात्रा होती है जो उम्र बढ़ने के साथ होने वाली अपक्षयी बीमारियों से आंखों की रक्षा करती है, इसलिए अखरोट, बादाम, पिस्ता, मूंगफली, आदि का सेवन करें।

आँखों की रोशनी बढ़ाने के घरेलू उपाय – Home remedies to improve eyesight

  • एक गिलास पानी में नींबू की कुछ बूंदें डालें या आंवले के पानी में पानी मिलाकर आंखें धोएं।
  • एक गिलास दूध में दो बादाम, आधा चम्मच बड़ी सौंफ, और चार मिश्री पाउडर मिलाकर हर रात पियें। इससे आंखों की रोशनी बढ़ेगी।
  • अगर आंखों की किसी भी तरह की समस्या है तो आपको रोज रात को भीगे हुए बादाम को पीसकर पीना चाहिए।
  • सुबह उठने के बाद काजल की तरह आंखों में लार लगाएं। लगातार इस काम को करने से आंख की कमजोरी दूर हो जाएगी।
  • त्रिफला को रात को पानी में भिगो दें, सुबह उठकर इसके पानी से आँखें धोएं। और त्रिफला का भी सेवन करें।
  • मछली का तेल, विटामिन सी और ए से भरपूर भोजन लें। हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन बढ़ाएं।
  • पैरों के तलवों पर सरसों के तेल की मालिश करें और सुबह हरी घास पर नंगे पैर चलें।
  • अपनी आँखों को दिन में दो या तीन बार ठंडे पानी से धोएँ, इससे आँखों की गर्मी समाप्त होती है और वे स्वस्थ रहते हैं।
  • सुबह उठने के बाद मुंह को पानी से भर लें और आंखें खोलें और साफ पानी आंखों पर मारना चाहिए, इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है।
  • आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए, 100  ग्राम बादाम, 100  ग्राम सौंफ और 100  ग्राम मिश्री लें और इसे पीसकर कांच के  जार में रखें, फिर इस पाउडर का एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ रात मे सोने से लगभग 30 मिनट पहले लें।
  • एक चम्मच गाय का घी, आधा चम्मच चीनी और दो काली मिर्च पाउडर को मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट लें, इससे आंखों की रोशनी तेज होती है।
  • नींबू और गुलाब जल को एक साथ मिलाएं और इस मिश्रण से आंखों को दिन में लगभग 5-6 बार धोएं। ऐसा करने से आंखों को आराम मिलता है।

निष्कर्ष –

आँखें शरीर की बहुत ही कोमल अंग है। अगर आँखों की रोशनी सही न हो तो पूरा जीवन अंधेरे से भर जाता है। दैनिक जीवन मे हमें आँखों की  देखभाल के लिए बहुत ही सजग रहना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी और कुछ उपाय आजमाकर हम अपने आँखों को स्वास्थ्य रख सकते है। अतः सावधान रहकर अपनी आँखों का केयर करें क्योंकि अगर आँखों की रोशनी है तो पूरा जीवन उजियाला है, अगर नहीं तो अंधेरा ही अंधेरा।

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