क्या आप जानते हैं पानी पीने का सही तरीका

Right way to drink water in hindi

स्वस्थ शरीर के लिए पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी होता  है।  शरीर में पानी की कमी से कई बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए दिन भर में ढेर सारा पानी पीना बहुत महत्वपूर्ण है। दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पिएं। लेकिन पानी पीने का एक तरीका भी है। अगर पानी को सही तरीके से नहीं पिया जाता है, तो यह फायदे के बजाय हानिकारक हो सकता है।

पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है –

पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर का चयापचय अच्छा रहता है, जिससे पाचन ठीक से होता है। पानी पीने से शरीर में फैट जमा नहीं होता है। हमारा शरीर 75 प्रतिशत पानी से बना है और पानी ही शरीर के विभिन्न भागों में पोषक तत्वों को ले जाने में मदद करता है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है।

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गलत तरीके से पानी पीने से बीमारियों का खतरा होता है-

गलत समय, गलत तरीके, और गलत मात्रा में पानी पीने से पेट में दर्द, पाचन समस्याएं, मधुमेह, रक्तचाप, सिरदर्द, भारीपन, गुर्दे की समस्या और सुस्ती जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हर किसी के शरीर के अनुसार, पानी की जरूरत अलग-अलग हो सकती है, लेकिन पानी पीने का सही तरीका जानना बहुत जरूरी है ताकि बीमार न पड़ें।

कुछ लोग कहते हैं कि किसी को खाली पेट पानी नहीं पीना चाहिए, कुछ का कहना है कि किसी को खाली पेट पानी पीना चाहिए। कुछ कहते हैं कि खाने के बाद पानी पीना चाहिए, और कुछ खाने से पहले कहते हैं। फिर पानी कब और कैसे पीना चाहिए, कितना पीना चाहिए। गलत तरीके से पानी पीने से शरीर में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं और हम कभी इस साधारण सी बात पर ध्यान नहीं देते हैं। तो आज जानिए, पानी पीने का सही तरीका क्या है: –

पानी पीने का सही तरीका जिससे शरीर को फायदा हो –

पानी पीने का सही समय –

सुबह उठने के बाद 2 गिलास पानी पीना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, सुबह खाली पेट पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है। गुनगुना गर्म पानी हो तो बेहतर होगा। ऐसा करने से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं और शरीर अच्छी तरह से साफ हो जाता है और हमारे शरीर कि प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। साथ ही सुबह खाली पेट पानी पीने से कब्ज में राहत मिलती है और शरीर का वजन कम करने मे भी फायदेमंद है।  इसके अलावा, खाना खाने से लगभग 30 मिनट पहले पानी पीना चाहिए, क्योंकि इससे खाना आसानी से पच जाता है। भोजन के साथ-साथ भोजन के तुरंत बाद पानी न पिएं। खाना खाने के कम से कम 40 मिनट के  बाद ही पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। क्योंकि इस समय हमारे पेट मे पाचक रस का स्त्राव होता है, अगर इस दौरान पानी पीया  जाए तो पानी इसे मंद कर सकता है, जिससे हमारा पाचन सही नहीं हो पता है।

दरअसल, हमारी लार प्रकृति में क्षारीय होती है और पानी को लार के साथ मिलाने के लिए समय दिया जाना चाहिए, ताकि यह हमारे पेट में एसिड को स्थिर करे। इसके अलावा एक बार में पानी पीने से आपका पेट खराब हो सकता है। आयुर्वेद यह भी कहता है कि प्यास लगने पर ही पानी पीना चाहिए।

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इस समय पानी पीना फायदेमंद है –

अध्ययन के अनुसार, नहाने से आधे घंटे पहले पानी पीने से रक्तचाप की समस्या नहीं होता है और सोने से पहले पानी पीने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम हो जाता है। कहीं भी जाने से पहले हमें पानी पीकर ही घर से निकलना चाहिए। इसके अलावा व्यायाम करने के बाद पानी पिएं ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।

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खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए –

आयुर्वेद के अनुसार, पानी पीने का सही तरीका बैठकर पीना है। अगर आप खड़े होकर पानी पीते हैं, तो पानी तेजी से पेट के निचले हिस्से में चला जाता है, जिसके कारण शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है। आयुर्वेद में बैठकर पानी पीने से घुटने के दर्द की समस्या का भी उल्लेख मिलता है।

पानी सिप-सिप करके पीना फायदेमंद है –

एक बार पीने के बजाय पानी को धीरे-धीरे पीना चाहिए। इसका कारण यह है कि जब हम पानी पीते हैं, तो हमारी लार भी पानी में प्रवेश करती है। धीरे-धीरे पानी पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है।

पानी कैसा होना चाहिए –

आयुर्वेद के अनुसार, आप जो पानी पी रहे हैं उसका तापमान शरीर के तापमान से अधिक ठंडा नहीं होना चाहिए। गर्मियों में, कई लोग घर पहुंचते ही फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाता है। बहुत अधिक ठंडा पानी पीने से शरीर में कई समस्याएं हो सकती हैं जैसे कब्ज, हार्ट अटैक, रक्त परिसंचरण मे कमी, आदि। इसलिए बहुत अधिक ठंडा और बर्फ वाला पानी पीने के बजाय केवल सामान्य पानी पिएं। जहां तक ​​संभव हो साफ पानी पिया जाना चाहिए और आरओ या मिनरल वाटर पर निर्भर नहीं होना चाहिए। ऐसा करने पर हमारे शरीर को आरओ या मिनरल वाटर की आदत पड़ जाती है और जब भी हम जरूरत के अनुसार बाहर का सामान्य पानी पीते हैं, तो बीमार पड़ने की संभावना हो जाती है। यह देखने मे आया है आरओ वाटर मे आवश्यक मिनरल्स नहीं रह पाता है इसलिए जहां तक संभव हो आरओ वाला पानी नहीं पीना चाहिए।  हालाँकि, जहाँ परीक्षण के बाद  RO वाटर की आवश्यकता हो और सिफारिश की जाती है, वहाँ RO पानी का उपयोग ज़रूर करें।

बारिश के मौसम मे पानी पर दें विशेष ध्यान  –

बारिश के मौसम मे पानी से बहुत सारी बीमारियाँ फैलने का दर रहता है। इस समय वायरस और बैक्टीरिया अधिक सक्रिय रहते हैं, जो पानी के माध्यम से आसानी से शरीर मे प्रवेश कर सकता है इसलिए बारिश के दौरान पानी से सेवन पर बहुत ही ध्यान दिया जाना चाहिए। अच्छा यही होगा कि हम बारिश के मौसम मे पानी को उबालकर ठंड करके साफ बर्तन मे रखें और उपयोग करें।

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